शुक्रिया

इन दिनों तेरा ख्याल खूब आता है,तो सोचा की आज तुझे मैसेज भेजा जाए। व्हाट्सप्प पे तेरा नाम सर्च किया,तो पुराने मैसेजेस नज़र आए,उन्हें देख, आँखे नम और दिल भर आया,मैसेज टाइप किया, लेकिन सेंड करने की हिम्मत न जुटा पाया,इसलिए सेलेक्ट ऑल और डिलीट दबाया। तब मैंने तेरा नंबर डिलीट करने का निर्णय किया,परंतुContinue reading “शुक्रिया”

सुरूर ( craze)

ये क्या सुरूर छाया था?रूह उसकी मैली थी,दाग मैने खुद पर लगाया था| ये क्या सुरूर छाया था?उसे प्यास हवस की थी,और मैने प्यार का समंदर दिखाया था| ये क्या सुरूर छाया था?उसे ज़िन्दगी का जोश था,और होश मैने गवाया था|               -Tannu verma

ख्वाबों की यादें

नज़ाकत  के बयां से करूँ , या हुस्न की इबादत  से करूँ , चाहत से करूँ या ख्वाबों में ,तुम्हें छूने की हिमाकत से करूँ , भूलती नहीं वह ,  पिछली बार की मुलाक़ात , याद है वो सपनों की गलियों में , इत्तेफ़ाक़न टकराना ,वो तुम्हारा घबराना , शर्माना , नज़रें मिलाना और झुकाना ,चुपके सेContinue reading “ख्वाबों की यादें”

//LIBEROSIS//

I’m yet to forgetthe last time,I held the smokesin my nostrilsfor a little too longto suffocate myself in vain.I’m yet to forgethow that Syrian kidcursed the worldbefore returning to the Almightyand that drunkardwho robbed the challenged girlof her innocenceliving across me,I’m yet to not let my heartache for it anymore.After days of spurning the idea,IContinue reading “//LIBEROSIS//”